भारतीय उधोग महासंघ और सीबीएलयू के संयुक्त प्रयासों से रोजगारपरक शिक्षा के लिए विधार्थियों को दिया जायेगा विशेष प्रोत्साहन।
03दिसम्बर भिवानी, चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय द्वारा विधार्थियों को रोजगारपरक, गुणवत्तापूर्ण, संस्कारी शिक्षा प्रदान की जायेगी। विधार्थियों को स्वरोजगार के साथ रोजगार सृजन के लिए विशेष प्रशिक्षण एवं प्रोत्साहन दिया जायेगा। इसी तर्ज पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.आर.के मित्तल और भारतीय उधोग महासंघ के उपाध्यक्ष शैलेन्द्र व्यास, अतुल जैन ने महासंघ के संस्थापक अध्यक्ष दीपक जैन की गरीमामयी उपस्थिति में एमओयू साइन किया।
विश्वविद्यालय के सभा कक्ष में चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय के कुलपति ने विश्वविद्यालय में चलाये जा रहे कोर्सेज एवं सुविधाओं पर विस्तृत विचार रखते हुए कहा कि रोजगारपरक, गुणवत्तापूर्ण, संस्कारी शिक्षा प्रदान करने को विश्वविद्यालय कृत संकल्पित है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने अपने गठन के मात्र पांच वर्षों में खेल एवं शिक्षा के क्षेत्र में नये आयाम स्थापित किये हैं। उन्होनें कहा कि विधार्थियों की सामाजिक एवं ग्रामीण विकास में सहभागिता होना अनिवार्य है।ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन पर ठोस कदम उठाने होंगे। भारतीय उधोग महासंघ के संस्थापक अध्यक्ष दीपक जैन ने महासंघ द्वारा विभिन्न शिक्षण संस्थानों एवं सरकार के आर्थिक एवं औधोगिक क्षेत्र में राष्ट्रीय विकास के लिए महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट बनाये गये हैं। भारतीय उधोग महासंघ का मुख्य उद्देश्य लघु एवं सुक्ष्म उधोगों की स्थापना के लिए युवाओं को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी की गंभीर समस्या पर काबू पाने को महासंघ युवाओं को स्वरोजगार अपनाकर नये रोजगार सृजित करने को प्रोत्साहित करता है। महासंघ ने इसी तर्ज पर चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय के साथ रोजगार उन्मुख शिक्षा प्रदान करने, स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने, विशेष प्रशिक्षण, विशेष औधोगिक भ्रमण, संगोष्ठी, सेमिनारों का आयोजन किया जायेगा।विश्वविद्यालय में आर्यभट इंकुम्बेशन शैंटर खोला जायेगा। रोजगार उन्मुखीकरण कार्यक्रम के संयोजक डॉ.अश्वनी कुमार थे। इस अवसर पर प्रो.हरिदत्त कौशिक, प्रो.ललिता गुप्ता, प्रो.संजीव कुमार, डॉ.दिनेश कुमार मदान, डॉ.मयंक किंगर, डॉ.पार्वती शर्मा, डॉ.मोनिका मिगलानी, डॉ.गुंचा मुंजाल आदि उपस्थित थे।